रूस के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को तीखे स्वर में एक बयान जारी किया जिसमें अमरीका की ओर से दी गई परमाणु धमकी के प्रति चेतावनी दी गई है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अमरीका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर सोमवार के बयान का हवाला दिया और इसे रूस पर परमाणु हमले की धमकी का नाम दिया। अमरीकी युद्ध मंत्री ने कहा कि रूस परमाणु ख़तरा उत्पन्न करने वाली गतिविधियां कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शीत युद्ध समाप्त हो जाने के बावजूद आज रूस की नकेल कसने के लिए परमाणु हथियार की ज़रूरत है। अमरीकी युद्ध मंत्री ने मंगलवार को भी कहा कि पेंटागोन के पास परमाणु हथियार प्रयोग की स्ट्रैटेजी को नज़रअंदाज़ करने की कोई योजना नहीं है।
एसा लगता है कि अमरीका ने दुनिया में परमाणु हथियारों के भंडार कम करने के जो भी दावे करता है, ज़मीनी सच्चाई यह है कि वह अपने परमाणु शस्त्रागारों के आधुनिकीकरण और विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि परमाणु हथियारों की संख्या कम करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद अमरीका आज भी अपने परमाणु हथियारों को इसी तरह बाक़ी रखने पर अड़ा हुआ है और यह काम वह रूस और चीन के साथ अपनी प्रतिस्पर्धा का बहाना पेश करके परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण के नाम से कर रहा है।
अमरीका के रक्षा मंत्री ने जो बयान दिया है उससे एक बार फिर यह सच्चाई सामने आई है कि दुनिया पर परमाणु हथियारों की काली छायी अभी इसी तरह बाक़ी रहेगी। अमरीका और उसके घटक यह कहते हैं कि पहले परमाणु आक्रमण कर देना सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण रणनीति है। अमरीका अन्य देशों को धमकी देना चाहता है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर परमाणु हमला कर सकता है। रूस का कहना है कि अस्तित्व को समाप्त कर देने वाले ख़तरों को दूर करने के लिए परमाणु हथियारों का प्रयोग किया जा सकता है। चीन ने घोषणा की है कि वह पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, परमाणु हथियारों का प्रयोग हमले की ज़द में आ जाने के बाद ही करेगा।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अमरीका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर सोमवार के बयान का हवाला दिया और इसे रूस पर परमाणु हमले की धमकी का नाम दिया। अमरीकी युद्ध मंत्री ने कहा कि रूस परमाणु ख़तरा उत्पन्न करने वाली गतिविधियां कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि शीत युद्ध समाप्त हो जाने के बावजूद आज रूस की नकेल कसने के लिए परमाणु हथियार की ज़रूरत है। अमरीकी युद्ध मंत्री ने मंगलवार को भी कहा कि पेंटागोन के पास परमाणु हथियार प्रयोग की स्ट्रैटेजी को नज़रअंदाज़ करने की कोई योजना नहीं है।
एसा लगता है कि अमरीका ने दुनिया में परमाणु हथियारों के भंडार कम करने के जो भी दावे करता है, ज़मीनी सच्चाई यह है कि वह अपने परमाणु शस्त्रागारों के आधुनिकीकरण और विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। रूसी अधिकारियों का कहना है कि परमाणु हथियारों की संख्या कम करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद अमरीका आज भी अपने परमाणु हथियारों को इसी तरह बाक़ी रखने पर अड़ा हुआ है और यह काम वह रूस और चीन के साथ अपनी प्रतिस्पर्धा का बहाना पेश करके परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण के नाम से कर रहा है।
अमरीका के रक्षा मंत्री ने जो बयान दिया है उससे एक बार फिर यह सच्चाई सामने आई है कि दुनिया पर परमाणु हथियारों की काली छायी अभी इसी तरह बाक़ी रहेगी। अमरीका और उसके घटक यह कहते हैं कि पहले परमाणु आक्रमण कर देना सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण रणनीति है। अमरीका अन्य देशों को धमकी देना चाहता है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर परमाणु हमला कर सकता है। रूस का कहना है कि अस्तित्व को समाप्त कर देने वाले ख़तरों को दूर करने के लिए परमाणु हथियारों का प्रयोग किया जा सकता है। चीन ने घोषणा की है कि वह पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, परमाणु हथियारों का प्रयोग हमले की ज़द में आ जाने के बाद ही करेगा।

No comments:
Post a Comment