Monday, 3 October 2016

आतंकी हमले से महफूज होगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल



आतंकी हमले से महफूज होगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल रेलवे का कहना है कि पुल पर बड़े से बड़े आतंकी हमलों का कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके लिए डीआरडीओ की मदद से पुल के निर्माण में विशेष तकनीक और सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

नई दिल्ली, . ब्यूरो। उड़ी आतंकी हमले और फिर भारत के जवाबी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जम्मू-कश्मीर में बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं फिर गहरा गई हैं। लेकिन तसल्ली की बात यह है कि रेलवे ने इसके पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा किया है।



रेलवे का कहना है कि पुल पर बड़े से बड़े आतंकी हमलों का कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके लिए डीआरडीओ की मदद से पुल के निर्माण में विशेष तकनीक और सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के पूर्व मुखिया ई. श्रीधरन ने चिनाब पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि नियंत्रण रेखा के नजदीक होने के कारण पुल पर दुश्मन के हमले का खतरा हमेशा रहेगा। इसी के साथ उन्होंने ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला लाइन के लिए वैकल्पिक रूट का सुझाव दिया था, जिस पर अपेक्षाकृत कम ऊंचाई के पुल की जरूरत पड़ती।

रेलवे ने श्रीधरन के रूट बदलने के सुझाव को तो यह कहकर खारिज कर दिया कि परियोजना काफी आगे बढ़ चुकी है। लेकिन उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को पर गौर करने और रक्षा मंत्रालय से परामर्श लेने का निर्णय लिया। इसके बाद डीआरडीओ की मदद से पुल के निर्माण में ऐसी तकनीक और सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे भीषण विस्फोट के बाद भी इसका बाल भी बांका नहीं होगा।

इस पुल का निर्माण अनुभवी कोंकण रेलवे से कराया जा रहा है। इसके अधिकारियों का कहना है कि पुल पूर्णतया विस्फोट रोधी होगा और 40 किलोग्राम आरडीएक्स के बराबर विस्फोट का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पुल का साठ फीसद से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और इसके 2018 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। चालू होने के बाद इस पर 18 कोच वाली ट्रेन 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेगी। यह पुल ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। इस तरह इस कठिन परियोजना के पूरा होने के बाद जम्मू से बारामुला तक ट्रेनों का आवागमन संभव होगा।

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