Wednesday, 5 October 2016

सरकारी आवास में रह रहे सिपाहियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत

सरकारी आवास में रह रहे सिपाहियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. जिसके तहत अब उनसे पीनल रेंट की वसूली नहीं की जाएगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह बड़ा फैसला बाबुराम और अन्य पुलिस कर्मियों की याचिका पर सुनवाई करने के बाद लिया है. पुलिस कर्मियों की इस याचिका पर जस्टिस बी अमित स्थायीलेकर द्वारा सुनवाई की गई.


इसके साथ ही याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी अमित स्थायीलेकर ने प्रमुख सचिव गृह को 4 माह में मामले में निर्णय लेने और पॉलिसी बनाने का भी आदेश भी दिया है. हाईकोर्ट ने याचियों के प्रत्यावेदन पर अलग-अलग सुनवाई की और 4 माह में निस्तारण करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट में मुताबिक जबतक याचियों के प्रत्यावेदन के निस्तारण नहीं हो जाता है तबतक उनके पीनल रेंट वसूली और आवास खाली रखने पर रोक लगी रहेगी.

आपको बता दें कि यूपी के मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बनारस, गोरखपुर, कानपुर के साथ और भी कई जिलों के यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों द्वारा तबादले के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं किया गया था. इसके बाद उन जिलें के एसपी और एसएसपी ने संबधित पुलिस कर्मियों पर ढ़ाई से तीन लाख तक का पीनल रेंट लगाने के साथ 15 दिन आवास भी खाली करने का नोटिस जारी कर दिया था. जिसके बाद ही इस फैसले के खिलाफ पुलिस कर्मियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल किया था.




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