Saturday, 8 October 2016

रेप के आरोपी विधायक से जुड़े सवाल पर भड़के लालू यादव बोले - 'हां, वो मुझसे मिलने आया था'

पटना: बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू यादव अपनी ही पार्टी के विधायक और रेप के आरोपी राज बल्‍लभ यादव के उनसे मुलाकात करने से जुड़े सवाल पर भड़क गए. राज बल्‍लभ यादव पर 15 वर्षीय छात्रा से रेप का आरोप है.




लालू ने विधायक से मुलाकात की बात स्‍वीकार करते हुए कहा, 'हां, वह मुझसे मिलने आए थे. मैं उनसे मिला. उन्‍होंने केस के बारे में बात की. अगर कोई आपसे मिलने आता है तो क्‍या आप उन्‍हें वापस भेज देंगे?' वहीं कुछ लोगों का मानना है कि लालू से राज बल्‍लभ यादव की मुलाकात से यह संदेश गया है कि आरोपी विधायक की पहुंच ऊपर तक है.

राज बल्‍लभ यादव से जुड़े किसी और सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए लालू ने कहा, "वो तो बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात करना चाहते हैं."

राज बल्‍लभ यादव पिछले हफ्ते ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं. इसी वर्ष फरवरी में कथित बलात्‍कार का शिकार बनी छात्रा ने पत्रकारों और अन्‍य को व्‍हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर मुख्‍यमंत्री से हस्‍तक्षेप की मांग की थी. इसमें उसने कहा, "वह (यादव) जेल से बाहर आ चुका है... मैं भयभीत हूं और अपने परिवार के लिए डरी हुई हूं. उनके साथ क्‍या होगा? जो मेरे साथ हुआ, उससे मैं पहले ही मर चुकी हूं. मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है." छोटी सी दुकान चलाने वाले उसके पिता ने गुरुवार को  कहा, 'अगर यह आदमी बाहर रहता है, तो मैं उसके खिलाफ लड़ नहीं सकता. मेरी बेटी खत्‍म कर दी जाएगी.'

नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से राज बल्‍लभ यादव की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. अदालत मामले पर 10 दिन की छुट्टी के बाद 17 अक्‍टूबर को सुनवाई करेगी. अदालत ने राज बल्‍लभ यादव से पूछा है कि क्‍यों ना आपकी जमानत रद्द कर दी जाए.

सरकार ने कहा है कि नवादा विधानसभा सीट से विधायक 55 वर्षीय नेता के खिलाफ कई गंभीर मामले लंबित हैं और उनके रसूख को देखते हुए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सबूतों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती है.

गौरतलब है कि फरवरी में राज बल्‍लभ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही राजद ने पार्टी से उन्‍हें निलंबित कर दिया था. एक महीने फरार रहने के बाद उन्‍होंने सरेंडर कर दिया था. इससे पहले राज्‍य सरकार ने राजद के ही एक अन्‍य बाहुबली नेता मोहम्‍मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

नीतीश कुमार और लालू यादव लंबे समय तक एक-दूसरे के विरोधी रहे. पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए दोनों ने हाथ मिला लिया था. राज बल्‍लभ यादव जैसे मामलों को लेकर दोनों के गठबंधन की अग्निपरीक्षा होती रहती है.

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