Wednesday, 5 October 2016

PoK के लोगों ने कहा – हमने देखी भारतीय सेना की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हम बताएंगे पूरा सच…


नई दिल्ली। बीते दिनों पीओके में घुसकर भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। जिसमें कई आतंकी और पाक सैनिक मारे गए। जिसके बाद अब कई लोग सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रहे हैं। भारतीय सेना द्वारा किए गए #SurgicalStrike से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। LoC के पास रहने वाले लोगों का दावा है कि उन्होंने अपनी आंखों से सर्जिकल स्ट्राइक देखी है। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर की रात हुए हमले में मारे गए लोगों के शवों को भोर से पहले ही ट्रक में लादकर ले जाया गया और उन्हें दफन कर दिया गया। मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार बड़े ही गुपचुप तरीके से किया गया।

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सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रहा पाकिस्तान हुआ बेनकाब

लोगों ने कहा आर्मी ने सबसे पहले आतंकियों के कैंप पर ग्रेनेड से हमला किया। उसके बाद कैंप में घुसकर आतंकियों को मारा। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रहा पाकिस्तान फिर बेनकाब हो गया है। खास बात यह है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान निशाना बनाई गईं कुछ ऐसी जगहों के बारे में भी बताया है जिन्हें भारत और पाकिस्तान सरकार की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया था। हालांकि अखबार की तरफ से यह भी कहा गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों की संख्या 38-50 से कम हो सकती है, जैसा कि कई सूत्र दावा कर रहे थे।

अखबार ने बताया है कि उसने LoC पार रह रहे पांच प्रत्यक्षदर्शियों से भारत में रह रहे उनके परिजनों के जरिए संपर्क किया। इनमें से दो चश्मदीदों ने विस्तृत जानकारी दी। उनके मुताबिक LoC से 4 किलोमीटर दूर दुधनियाल नाम से छोटे से गांव में अल-हावी ब्रिज के पास उन्होंने हमले में बर्बाद हुई एक बिल्डिंग को देखा। चश्मदीद के मुताबिक, चलाना की मस्जिद में शुक्रवार की नवाज के बाद सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया गया। चश्मदीद के मुताबिक मस्जिद में जमा लोग पाकिस्तान आर्मी को हमले के लिए जिम्मेदार बता रहे थे।

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