वॉशिंगटन.अमेरिका में एक 7 साल के बच्चे की मुस्लिम होने ही वजह से स्कूल बस में पिटाई कर दी गई। पाकिस्तानी बच्चे को उसके 5 क्लासमेट्स ने पीटा। घटना तब हुई, जब बच्चा बस से घर लौट रहा था। हादसे के बाद बच्चे के माता-पिता ने पाकिस्तान लौटने का फैसला किया है। पिता ने फेसबुक पोस्ट मेंक्या लिखा...
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फैमिली ने प्रेसिडेंट कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रम्प के खौफ की वजह से पाक लौटने का फैसला किया है।
- बच्चा अब्दुल उस्मानी नॉर्थ कैरोलिना के कैरी में वेथस्टोर्न एलिमेन्ट्री स्कूल में पढ़ता है।
- पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि अब्दुल स्कूल बस से घर लौट रहा था, उसी दौरान 5 स्टूडेंट्स ने मुस्लिम और पाकिस्तानी कहते हुए उसकी पिटाई कर दी।
- अब्दुल के पिता जिशान-उल-हसन उस्मानी ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को हुई इस घटना को फेसबुक पर शेयर किया है। अब्दुल की फोटो भी पोस्ट की है। साथ में कैप्शन लिखा है- 'डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका में आपका वेलकम है।'
एक ने चेहरे पर घूंसा मारा, 2 ने लात मारी, पूरे रास्ते पीटते रहे
- पिता उस्मानी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है- "अब्दुल ग्रेड 1 में पढ़ता है। उसके 5 क्लासमेट्स ने स्कूल बस में मुस्लिम कहते हुए उसकी पिटाई की है।"
- "सभी आरोपी बच्चों की उम्र 6 से 7 साल है, एक ने मेरे बेटे के चेहरे पर घूंसा मारा, जबकि दो अन्य बच्चों ने उसे लात मारी और उसका एक हाथ पीछे की तरफ मरोड़ दिया। बच्चे अब्दुल को पूरे रास्ते बस में पीटते रहे।"
- "इस घटना से अब्दुल के एक हाथ में मोच आई है और वह बेहद सहम गया है।"
पड़ोसी भी कर रहा परेशान, एक बेटे को आतंकी कहा गया
- बाद में पिता उस्मानी ने BuzzFeed News से बातचीत में बताया कि इस घटना के बाद उनकी वाइफ ने अपने तीनों बेटों के साथ अमेरिका छोड़ने का फैसला किया है।
- फैमिली ने यह फैसला अपने बच्चों के साथ काफी समय से हो रहे भेदभाव के चलते किया है।
- उस्मानी का यह भी कहना है कि उनका एक पड़ोसी भी कई महीने से उनके धर्म को लेकर उनकी फैमिली को परेशान कर रहा है। यहां तक कि उनके एक दूसरे बेटे को टेररिस्ट तक कहा जा चुका है।
- 38 साल के उस्मानी सिलिकॉन वैली की एक डाटा सॉफ्टवेयर कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी अफसर हैं।
स्कूल मैनेजमेंट ने क्या किया?
- इस मामले में वेक काउंटी पब्लिक स्कूल सिस्टम की स्पोक्सपर्सन लीजा ल्यूटन ने कहा है- "फैमिली ने जब घटना के बारे में बताया तो स्कूल की प्रिंसिपल ने तत्काल जांच शुरू कर दी।"
- "प्रिंसिपल ने बच्चे अब्दुल के पास बैठे 7 बच्चों से बातचीत की है, लेकिन किसी भी बच्चे ने घटना को कन्फर्म नहीं किया है। न ही बस के ड्राइवर ने ऐसी किसी घटना के बारे में बताया है।"
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फैमिली ने प्रेसिडेंट कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रम्प के खौफ की वजह से पाक लौटने का फैसला किया है।
- बच्चा अब्दुल उस्मानी नॉर्थ कैरोलिना के कैरी में वेथस्टोर्न एलिमेन्ट्री स्कूल में पढ़ता है।
- पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि अब्दुल स्कूल बस से घर लौट रहा था, उसी दौरान 5 स्टूडेंट्स ने मुस्लिम और पाकिस्तानी कहते हुए उसकी पिटाई कर दी।
- अब्दुल के पिता जिशान-उल-हसन उस्मानी ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को हुई इस घटना को फेसबुक पर शेयर किया है। अब्दुल की फोटो भी पोस्ट की है। साथ में कैप्शन लिखा है- 'डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका में आपका वेलकम है।'
एक ने चेहरे पर घूंसा मारा, 2 ने लात मारी, पूरे रास्ते पीटते रहे
- पिता उस्मानी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है- "अब्दुल ग्रेड 1 में पढ़ता है। उसके 5 क्लासमेट्स ने स्कूल बस में मुस्लिम कहते हुए उसकी पिटाई की है।"
- "सभी आरोपी बच्चों की उम्र 6 से 7 साल है, एक ने मेरे बेटे के चेहरे पर घूंसा मारा, जबकि दो अन्य बच्चों ने उसे लात मारी और उसका एक हाथ पीछे की तरफ मरोड़ दिया। बच्चे अब्दुल को पूरे रास्ते बस में पीटते रहे।"
- "इस घटना से अब्दुल के एक हाथ में मोच आई है और वह बेहद सहम गया है।"
पड़ोसी भी कर रहा परेशान, एक बेटे को आतंकी कहा गया
- बाद में पिता उस्मानी ने BuzzFeed News से बातचीत में बताया कि इस घटना के बाद उनकी वाइफ ने अपने तीनों बेटों के साथ अमेरिका छोड़ने का फैसला किया है।
- फैमिली ने यह फैसला अपने बच्चों के साथ काफी समय से हो रहे भेदभाव के चलते किया है।
- उस्मानी का यह भी कहना है कि उनका एक पड़ोसी भी कई महीने से उनके धर्म को लेकर उनकी फैमिली को परेशान कर रहा है। यहां तक कि उनके एक दूसरे बेटे को टेररिस्ट तक कहा जा चुका है।
- 38 साल के उस्मानी सिलिकॉन वैली की एक डाटा सॉफ्टवेयर कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी अफसर हैं।
स्कूल मैनेजमेंट ने क्या किया?
- इस मामले में वेक काउंटी पब्लिक स्कूल सिस्टम की स्पोक्सपर्सन लीजा ल्यूटन ने कहा है- "फैमिली ने जब घटना के बारे में बताया तो स्कूल की प्रिंसिपल ने तत्काल जांच शुरू कर दी।"
- "प्रिंसिपल ने बच्चे अब्दुल के पास बैठे 7 बच्चों से बातचीत की है, लेकिन किसी भी बच्चे ने घटना को कन्फर्म नहीं किया है। न ही बस के ड्राइवर ने ऐसी किसी घटना के बारे में बताया है।"

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