बेंगलुरु.युजवेंद्र चहल (6/25 विकेट) की जबरदस्त बॉलिंग और रैना-धोनी की शानदार बैटिंग की मदद से भारत ने टी-20 सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में इंग्लैंड को 75 रन से हरा दिया। टीम इंडिया ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 202 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 16.3 ओवर में 127 रन पर आउट हो गई। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने टी-20 सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली। भारत ने इंग्लैंड को पहली बार टी-20 सीरीज में हराया है। युजवेंद्र चहल ने लिए छह विकेट...
- भारत की ओर से युजवेंद्र चहल ने करियर बेस्ट बॉलिंग करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर 6 विकेट झटके।
- चहल ने मैच में अपना पहला विकेट 1.3 ओवर में सेम बिलिंग्स को आउट करते हुए लिया। ये इंग्लैंड को लगा पहला झटका था।
- इसके बाद 14वें ओवर में उन्होंने दो सेट बैट्समैन (मोर्गन और रूट) को आउट कर इंग्लैंड की हालत खराब कर दी।
- 16वें ओवर में उन्होंने तीन विकेट (मोइन अली, बेन स्टोक्स और क्रिस जॉर्डन) लिए और इंग्लैंड की हार तय कर दी।
- चहल ने इस मैच में 6/25 विकेट लिए, जो टी-20 में किसी भी भारतीय बॉलर की बेस्ट परफॉर्मेंस है।
- वहीं चहल की ये बॉलिंग टी-20 हिस्ट्री में दुनिया के किसी भी बॉलर का तीसरा बेस्ट परफॉर्मेंस है।
- इस मैच में परफॉर्मेंस से चहल मैन ऑफ द मैचतो बने ही साथ ही सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट (8) लेने की वजह से उन्हें मैन ऑफ द सीरीज भी मिला।
बुमराह ने 3, मिश्रा ने लिया 1 विकेट
- भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार बॉलिंग करते हुए 14 रन देकर 3 विकेट लिए।
- अमित मिश्रा ने 4 ओवर में 23 रन देकर 1 विकेट झटका। उन्होंने जेसन रॉय को आउट कर रूट के साथ उनकी पार्टनरशिप को तोड़ा।
- इंग्लिश टीम की इनिंग के दौरान 5 बैट्समैन तो 0 के स्कोर पर आउट हुए।
8 रन में गिरे आखिरी 8 विकेट
- इंग्लैंड की टीम ने अपने आखिरी 8 विकेट केवल 8 रन के अंदर खो दिए। 119 के स्कोर पर इंग्लैंड का तीसरा विकेट गिरा था, और 127 के स्कोर पर आखिरी विकेट गिरा।
- इंटरनेशनल क्रिकेट की हिस्ट्री में आखिरी 8 बैट्समैन की ये दूसरी सबसे घटिया परफॉर्मेंस है।
- सबसे घटिया परफॉर्मेंस का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम पर है। 1946 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेलते हुए उसके आखिरी 8 विकेट केवल 5 रन के अंदर गिर गए थे।
कैसी रही थी इंडिया की इनिंग
- मैच में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया।
- लोकेश राहुल के साथ ओपनिंग करने उतरे कप्तान विराट कोहली केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए।
- 1.1 ओवर में लोकेश के साथ हुई मिसअंडरस्टेंडिंग के बाद क्रिस जॉर्डन ने उन्हें अपनी ही बॉल पर फील्डिंग करते हुए रन आउट कर दिया।
- इसके बाद कुछ देर तक लोकेश राहुल ने सुरेश रैना के साथ मिलकर टीम को संभाल लिया।
- भारत को दूसरा झटका 7.2 ओवर में बेन स्टोक्स ने दिया। उन्होंने राहुल को बोल्ड कर दिया।
- राहुल 18 बॉल पर 22 रन बनाकर आउट हुए। जिसमें उन्होंने 2 चौके और एक 98 मीटर लंबा सिक्स भी लगाया।
- आउट होने से पहले लोकेश ने दूसरे विकेट के लिए सुरेश रैना के साथ 37 बॉल पर 61 रन की पार्टनरशिप की।
- चौथा विकेट युवराज सिंह (27) का रहा। 18.1 ओवर में मिल्स की बॉल पर बटलर ने उन्हें कैच कर लिया।
- आउट होने से पहले युवराज ने क्रिस जॉर्डन के 18वें ओवर में 3 सिक्स और 1 चौका लगाया था।
- इसके बाद पांचवां विकेट धोनी (56) और छठा विकेट हार्दिक पंड्या (11) का रहा।
- इस मैच में डेब्यू करने वाले ऋषभ पंत भारत की ओर से सबसे कम उम्र (19 साल 120 दिन) में T-20I खेलने वाले प्लेयर बन गए हैं।
- इससे पहले ये रिकॉर्ड इशांत के नाम पर था। जिन्होंने 19 साल 152 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
धोनी ने सबसे ज्यादा मैच खेलकर लगाई पहली फिफ्टी
- एमएस धोनी ने इस मैच में अपने करियर की पहली फिफ्टी लगाई। वे 36 बॉल पर 56 रन बनाकर आउट हुए।
- अपनी इनिंग में धोनी ने 5 चौके और 2 सिक्स भी लगाए। उन्होंने अपने 50 रन 32 बॉल पर पूरे किए थे।
- इस मैच से पहले तक टी-20 में धोनी का हाइएस्ट स्कोर 48* रन था। जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में फरवरी 2012 में बनाया था।
- धोनी ने टी-20 करियर के 76वें मैच में पहली फिफ्टी लगाई। जो कि पहली फिफ्टी के लिए खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं।
- इससे पहले आयरलैंड के गैरी विल्सन ने अपने 42वें मैच के दौरान पहली फिफ्टी लगाई थी।
रैना ने लगाई सात साल बाद फिफ्टी
- इस मैच में सुरेश रैना ने अपने टी-20 करियर की चौथी फिफ्टी लगाई। वे 45 बॉल पर 63 रन बनाकर आउट हुए।
- अपनी इनिंग के दौरान सुरेश ने दो चौके और 5 सिक्स भी लगाए। उन्होंने अपने 50 रन केवल 39 बॉल पर पूरे किए थे।
- रैना ने करीब सात साल बाद भारत के लिए टी-20 मैच में फिफ्टी लगाई। इससे पहले उन्होंने जून 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी।
- पिछली फिफ्टी लगाने के बाद इस फिफ्टी को लगाने के लिए रैना ने 38 इनिंग खेली।
विराट ने बना दिया रिकॉर्ड
- भारत ने इंग्लैंड से टी-20 हिस्ट्री में पहली सीरीज जीत है। इससे पहले हुई चार में से तीन सीरीज इंग्लैंड ने जीती थी, वहीं एक सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही थी।
- इस मैच को जीतते ही विराट भारत के पहले ऐसे कप्तान बन गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपनी कप्तानी की पहली सीरीज जीती है।
- विराट ने फुल टाइम कप्तान के तौर पर पहली टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 2015 में हराया था।
- वहीं वनडे कप्तानी मिलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड को पहली सीरीज में 2-1 से हराया था
- भारत की ओर से युजवेंद्र चहल ने करियर बेस्ट बॉलिंग करते हुए 4 ओवर में 25 रन देकर 6 विकेट झटके।
- चहल ने मैच में अपना पहला विकेट 1.3 ओवर में सेम बिलिंग्स को आउट करते हुए लिया। ये इंग्लैंड को लगा पहला झटका था।
- इसके बाद 14वें ओवर में उन्होंने दो सेट बैट्समैन (मोर्गन और रूट) को आउट कर इंग्लैंड की हालत खराब कर दी।
- 16वें ओवर में उन्होंने तीन विकेट (मोइन अली, बेन स्टोक्स और क्रिस जॉर्डन) लिए और इंग्लैंड की हार तय कर दी।
- चहल ने इस मैच में 6/25 विकेट लिए, जो टी-20 में किसी भी भारतीय बॉलर की बेस्ट परफॉर्मेंस है।
- वहीं चहल की ये बॉलिंग टी-20 हिस्ट्री में दुनिया के किसी भी बॉलर का तीसरा बेस्ट परफॉर्मेंस है।
- इस मैच में परफॉर्मेंस से चहल मैन ऑफ द मैचतो बने ही साथ ही सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट (8) लेने की वजह से उन्हें मैन ऑफ द सीरीज भी मिला।
बुमराह ने 3, मिश्रा ने लिया 1 विकेट
- भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने भी शानदार बॉलिंग करते हुए 14 रन देकर 3 विकेट लिए।
- अमित मिश्रा ने 4 ओवर में 23 रन देकर 1 विकेट झटका। उन्होंने जेसन रॉय को आउट कर रूट के साथ उनकी पार्टनरशिप को तोड़ा।
- इंग्लिश टीम की इनिंग के दौरान 5 बैट्समैन तो 0 के स्कोर पर आउट हुए।
8 रन में गिरे आखिरी 8 विकेट
- इंग्लैंड की टीम ने अपने आखिरी 8 विकेट केवल 8 रन के अंदर खो दिए। 119 के स्कोर पर इंग्लैंड का तीसरा विकेट गिरा था, और 127 के स्कोर पर आखिरी विकेट गिरा।
- इंटरनेशनल क्रिकेट की हिस्ट्री में आखिरी 8 बैट्समैन की ये दूसरी सबसे घटिया परफॉर्मेंस है।
- सबसे घटिया परफॉर्मेंस का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम पर है। 1946 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेलते हुए उसके आखिरी 8 विकेट केवल 5 रन के अंदर गिर गए थे।
कैसी रही थी इंडिया की इनिंग
- मैच में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया।
- लोकेश राहुल के साथ ओपनिंग करने उतरे कप्तान विराट कोहली केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए।
- 1.1 ओवर में लोकेश के साथ हुई मिसअंडरस्टेंडिंग के बाद क्रिस जॉर्डन ने उन्हें अपनी ही बॉल पर फील्डिंग करते हुए रन आउट कर दिया।
- इसके बाद कुछ देर तक लोकेश राहुल ने सुरेश रैना के साथ मिलकर टीम को संभाल लिया।
- भारत को दूसरा झटका 7.2 ओवर में बेन स्टोक्स ने दिया। उन्होंने राहुल को बोल्ड कर दिया।
- राहुल 18 बॉल पर 22 रन बनाकर आउट हुए। जिसमें उन्होंने 2 चौके और एक 98 मीटर लंबा सिक्स भी लगाया।
- आउट होने से पहले लोकेश ने दूसरे विकेट के लिए सुरेश रैना के साथ 37 बॉल पर 61 रन की पार्टनरशिप की।
- चौथा विकेट युवराज सिंह (27) का रहा। 18.1 ओवर में मिल्स की बॉल पर बटलर ने उन्हें कैच कर लिया।
- आउट होने से पहले युवराज ने क्रिस जॉर्डन के 18वें ओवर में 3 सिक्स और 1 चौका लगाया था।
- इसके बाद पांचवां विकेट धोनी (56) और छठा विकेट हार्दिक पंड्या (11) का रहा।
- इस मैच में डेब्यू करने वाले ऋषभ पंत भारत की ओर से सबसे कम उम्र (19 साल 120 दिन) में T-20I खेलने वाले प्लेयर बन गए हैं।
- इससे पहले ये रिकॉर्ड इशांत के नाम पर था। जिन्होंने 19 साल 152 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
धोनी ने सबसे ज्यादा मैच खेलकर लगाई पहली फिफ्टी
- एमएस धोनी ने इस मैच में अपने करियर की पहली फिफ्टी लगाई। वे 36 बॉल पर 56 रन बनाकर आउट हुए।
- अपनी इनिंग में धोनी ने 5 चौके और 2 सिक्स भी लगाए। उन्होंने अपने 50 रन 32 बॉल पर पूरे किए थे।
- इस मैच से पहले तक टी-20 में धोनी का हाइएस्ट स्कोर 48* रन था। जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में फरवरी 2012 में बनाया था।
- धोनी ने टी-20 करियर के 76वें मैच में पहली फिफ्टी लगाई। जो कि पहली फिफ्टी के लिए खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं।
- इससे पहले आयरलैंड के गैरी विल्सन ने अपने 42वें मैच के दौरान पहली फिफ्टी लगाई थी।
रैना ने लगाई सात साल बाद फिफ्टी
- इस मैच में सुरेश रैना ने अपने टी-20 करियर की चौथी फिफ्टी लगाई। वे 45 बॉल पर 63 रन बनाकर आउट हुए।
- अपनी इनिंग के दौरान सुरेश ने दो चौके और 5 सिक्स भी लगाए। उन्होंने अपने 50 रन केवल 39 बॉल पर पूरे किए थे।
- रैना ने करीब सात साल बाद भारत के लिए टी-20 मैच में फिफ्टी लगाई। इससे पहले उन्होंने जून 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ फिफ्टी लगाई थी।
- पिछली फिफ्टी लगाने के बाद इस फिफ्टी को लगाने के लिए रैना ने 38 इनिंग खेली।
विराट ने बना दिया रिकॉर्ड
- भारत ने इंग्लैंड से टी-20 हिस्ट्री में पहली सीरीज जीत है। इससे पहले हुई चार में से तीन सीरीज इंग्लैंड ने जीती थी, वहीं एक सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही थी।
- इस मैच को जीतते ही विराट भारत के पहले ऐसे कप्तान बन गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपनी कप्तानी की पहली सीरीज जीती है।
- विराट ने फुल टाइम कप्तान के तौर पर पहली टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 2015 में हराया था।
- वहीं वनडे कप्तानी मिलने के बाद उन्होंने इंग्लैंड को पहली सीरीज में 2-1 से हराया था

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