Tuesday, 4 October 2016

यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, इन 2790 अनुसेवकों को मीली पक्की नौकरी

लखनऊ: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राजस्व विभाग के 2790 सीजनल संग्रह अनुसेवकों की नौकरी को पक्की कर दी हैं. जानकारी के मुताबिक फिलहाल सरकर सीजनल संग्रह अनुसेवकों को हर साल 89 दिनों की दो कार्य अवधियों के लिए मानदेय देती हैं. लेकिन अब से इनकी स्थायी नौकरी लगने के बाद इन्हें हर महीने पगार दिया जाएगा. साथ ही सरकार के बड़े अधिकारीयों के मुताबिक परमानेंट जॉब मिलने के बाद इन्हें संग्रह अनुसेवक कहा जाएगा.

कहा जा रहा है कि इन संग्रह अनुसेवकों की नौकरी पक्की करने लिए राजस्व विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसपर अखिलेश की कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी. इसके साथ ही सरकार ने यह भी फैसला लेकर सीजनल संग्रह अनुसेवकों के विनियमितीकरण के कोटे को एक बार के उपाय के तौर पर 50 से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया है. जबकि उत्तर प्रदेश संग्रह अनुसेवक सेवा नियमावली 2004 में संशोधन के लिए कैबिनेट ने उप्र संग्रह अनुसेवक सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2016 को भी मंजूर कर लिया है.

बताया जा रहा है कि वित्त विभाग द्वारा पिछले महीने आठ सितंबर 2010 को शासनादेश जारी कर चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों पर भर्ती पर प्रतिबन्ध लगा दिया था. साथ ही साथ यह भी कहा जा रहा है कि सरकार ने एक ऐलान करते हुआ कहा था कि सितम्बर 2015 तक सीजनल संग्रह अमीनों को संग्रह अमीन के पद पर विनियमित कर दिया जाएगा. इसके बाद से सीजनल संग्रह अनुसेवक भी खुद को परमानेंट करने की मांग करने लगे, जिसे सरकार ने मान लिया.

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