नई दिल्ली. राजधानी में डेंगू-चिकनगुनिया का तांडव जारी है, जबकि इस बीमारी की रोकथाम के लिए सरकारी एजेंसियों का रवैया लगातार उदासीनता की ओर बढ़ता जा रहा है। मच्छरों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाने वाली गंबोजिया मछलियों के उपयोग में भी कमी आई है। साफ पानी के अभाव की वजह से इस बार केवल 78 तालाबों में ही छोड़ा गया है।
अमूमन डेंगू-चिकनगुनिया वाहक एडीज मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए गंबोजिया मछली को तालाबों में छोड़ा जाता है। ये मछलियां मच्छरों के लारवा को खा जाती हैं, जिससे इन बीमारियों से हमें काफी हद तक राहत मिलती है। इन मछलियों को साफ पानी वाले तालाब में डाला जाता है, लेकिन सरकार के अनेक दावों के बावजूद राजधानी में ऐसे तालाबों की स्थिति में दिनों-दिन गिरावट आ रही है। पिछले चार सालों में एेसे तालाबों की संख्या 89 से घटकर 78 हो गई है। इस मामले में दक्षिण दिल्ली नगर निगम के जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएन हजारिका कहते हैं कि तालाबों में साफ पानी का अभाव है, अधिकांश तालाबों में पानी नहीं है। इसलिए इन मछलियों को अब कम तालाबों में डाला जा रहा है। इस मामले में पर्यावरणविद दीवान सिंह कहते हैं कि सरकारी उदासीनता की वजह से राजधानी के तालाबों की स्थिति में गिरावट आई है। तालाबों के किनारे जैवविविधता विकसित करनी होगी, ताकि तालाब का पानी स्वत: साफ हो जाए। हर वर्ष तालाबों में डाली जाने वाली गंबोजिया मछलियों की संख्या वर्षतालाब 2016 78 2015 84 2014 96 2013 89
अमूमन डेंगू-चिकनगुनिया वाहक एडीज मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए गंबोजिया मछली को तालाबों में छोड़ा जाता है। ये मछलियां मच्छरों के लारवा को खा जाती हैं, जिससे इन बीमारियों से हमें काफी हद तक राहत मिलती है। इन मछलियों को साफ पानी वाले तालाब में डाला जाता है, लेकिन सरकार के अनेक दावों के बावजूद राजधानी में ऐसे तालाबों की स्थिति में दिनों-दिन गिरावट आ रही है। पिछले चार सालों में एेसे तालाबों की संख्या 89 से घटकर 78 हो गई है। इस मामले में दक्षिण दिल्ली नगर निगम के जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएन हजारिका कहते हैं कि तालाबों में साफ पानी का अभाव है, अधिकांश तालाबों में पानी नहीं है। इसलिए इन मछलियों को अब कम तालाबों में डाला जा रहा है। इस मामले में पर्यावरणविद दीवान सिंह कहते हैं कि सरकारी उदासीनता की वजह से राजधानी के तालाबों की स्थिति में गिरावट आई है। तालाबों के किनारे जैवविविधता विकसित करनी होगी, ताकि तालाब का पानी स्वत: साफ हो जाए। हर वर्ष तालाबों में डाली जाने वाली गंबोजिया मछलियों की संख्या वर्षतालाब 2016 78 2015 84 2014 96 2013 89

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