इस्लामाबाद. नवाज शरीफ ने जुलाई में कश्मीर में मारे गए आतंकी बुरहान वानी को एक बार फिर हीरो करार दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान भारत की धौंस में नहीं आएगा। हमारा मुल्क अपनी इज्जत और खुशहाली रोकने की किसी भी हरकत का जवाब देने में एक लम्हे की भी देर नहीं करेगा। उड़ी हमले और भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अपने ही वतन में घिरे नवाज शरीफ ने बुधवार को पाकिस्तान की संसद के ज्वाइंट सेशन को एड्रेस किया। इसी में उन्होंने भारत पर आरोप लगाए। और क्या कहा नवाज ने...
- उड़ी हमले पर नवाज ने कहा, “उड़ी का वाकया तब हुआ जब मैं अपने मुल्क से यूएन जनर असेंबली के लिए न्यूयॉर्क जा रहा था। भारत ने हमले के सिर्फ छह घंटे के अंदर पाकिस्तान पर इल्जाम मढ़ दिए। हमने कहा कि इस मामले की जांच इंटरनेशनल लेवल पर की जानी चाहिए।”
- “इसके बाद 29 सितंबर को भारत ने एलओसी पर फायरिंग करना शुरू कर दी। हमारे दो सैनिक मारे गए। हमने दुनिया के सामने साफ कर दिया कि पाकिस्तान अमन चाहता है लेकिन अगर उस पर हमला हुआ तो उसी वक्त माकूल जवाब जरूर दिया जाएगा।''
वानी को बताया लीडर
- नवाज ने कहा, “अगर हथियारों के दम पर लोगों को दबाने की कोशिश होती रही तो दुनिया हजारों साल पीछे चली जाएगी। बुरहान वानी की मौत से कश्मीर में आजादी की जंग की शमा फिर से रोशन हो गई है। लेकिन भारत ताकत के बल पर कश्मीर को अपने साथ रखना चाहता है।”
- “दक्षिण एशिया में अमन के लिए कश्मीर का मसला हल होना चाहिए। बुरहान वानी कश्मीर की नौजवान कौम का नया लीडर बनकर उभरा था। इस बारे में इंटरनेशनल कम्युनिटी को भी ध्यान देने की जरूरत है कि कश्मीर में क्या हालात हैं?''
- “हम भारत से कश्मीरी जेलों में बंद लोगों को आजाद करने और वहां के लोगों के लोगों को उनका हक देने की मांग करते हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान हमने कश्मीर को लेकर यूएन में कई कोशिशें की हैं। यूएन सेक्रेटरी ने कश्मीरी लोगों के मारे जाने को दुखद बताया है। यूएन में मानवाधिकार मामलों के कमिश्नर, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और दूसरे देशों को भी कश्मीर के हालात बताए कि किस तरह भारतीय फौज वहां जुल्म कर रही हैं।“
पार्टियों को साधने की कोशिश
- इस ज्वॉइंट सेशन में तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान शामिल नहीं हुए। इमरान ने पहले ही कह दिया था कि वो नवाज को पीएम नहीं मानते। हालांकि पीपीपी के बिलावल भुट्टो जरूर मौजूद रहे।
- नवाज ने अपोजिशन को फेवर में लेने की कोशिश करते हुए कहा, “हमारे बीच सियासी मतभेद हो सकते हैं। लेकिन जब देश की बात आती है तो हम सिर्फ पाकिस्तानी हैं। इस मामले में हमारे बीच किसी तरह के कोई मदभेद नहीं हैं। देश की भलाई के लिए हम सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तानी हैं।”
मोदी की बात का जवाब
- नवाज ने कहा, “हम भारत से बातचीत चाहते हैं। ताकि सारे मसले हल किए जा सकें। हम इज्जत से जीना चाहते हैं लेकिन किसी की धौंस में नहीं आएंगे। अगर गरीबी और बेरोजगारी पर वो हमारा मुकाबला करना चाहते हैं इसके लिए बारूद और खून की जरूरत नहीं है। अगर खेतों में बारूद बोया जाएगा तो फसल कैसी आएगी? ये समझा जा सकता है।”
- बता दें कि नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने कोझिकोड की रैली में कहा था कि अगर पाकिस्तान को जंग ही लड़नी है तो गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी से लड़ें।
- नवाज ने कहा, “पाकिस्तान सबसे ज्यादा आतंकवाद का शिकार हुआ है। हमने इसके खिलाफ एक बड़ी जंग का आगाज किया है। दुनिया इसे जानती है। हम अपने रास्ते पर चलते रहेंगे। हमारे दोस्त हमारे साथ हैं। अल्लाह ताला पर भरोसा करने वाली कौमें कभी तन्हा नहीं होतीं।”
- पार्लियामेंट का ज्वाइंट सेशन बुलाने का मकसद यही है कि सरकार इस बारे में दुनिया और देश को पैगाम दे सके। हम जानते हैं कि दुनिया हमारे इस जवाब को सुन रही है।

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