नई दिल्ली.इंडियन रेलवे पैसेंजर्स के सफर को आरामदायक और दिलचस्प बनाने की तैयारी में है। इसके लिए कांच की छत और इनफोटेनमेंट सिस्टम से लैस अल्ट्रामॉडर्न कोच बनाए जा रहे हैं। इससे लोगों को स्विट्जरलैंड की ट्रेनों में सफर करने जैसा एहसास होगा। क्यों बन रहे हैं ऐसे कोच...
- आईआरसीटीसी चेयरमैन एके मनोचा ने कहा, ''इस प्रोजेक्ट का मकसद टूरिज्म को प्रमोट करना है। इससे घरेलू और विदेशी टूरिस्ट आकर्षित होंगे।''
- ''इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC), रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) और इंटिगरल कोच फैक्टरी ने मिलकर इन्हें डिजाइन किया है।''
- ''कांच की छत वाली ट्रेन स्विट्जरलैंड जैसे कुछ देशों में चलती हैं। उम्मीद है कि इससे भारत में भी रेल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।’'
कहां और कब चलेंगे?
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उम्मीद है कि ग्लास रूफ वाला पहला कोच इसी महीने (अक्टूबर में) पटरी पर दौड़ेगा। बाकी दो कोच दिसंबर से चलेंगे।
- एक कोच कश्मीर घाटी से गुजरने वाली किसी रेगुलर ट्रेन में लगाया जाएगा। बाकी दाे कोच विशाखापट्टनम के पास अराकू घाटी से गुजरने वाली ट्रेनों में लगाए जाएंगे।
- हालांकि, एरियल व्यू की फैसिलिटी वाली पूरी स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला बाद में लिया जाएगा।
क्या है फैसिलिटी
- अल्ट्रा लग्जरी कोचों में 360 डिग्री पर घूमने वाली चेयर लगाई गई हैं, ताकि पैसेंजर्स को एरियल व्यू का लुत्फ मिल सके।
- टूरिस्टों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए मॉडर्न इनफोटेनमेंट सिस्टम भी लगाया गया है।
- इसके अलावा कोच में पैर को फैलाने के लिए भी पर्याप्त जगह होगी और सफर आरामदायक रहेगा।
चेन्नई में बन रहे हैं कोच
- ये भारत में अपनी तरह के पहले कोच हैं। जो चेन्नई की इंटीगरल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनाए जा रहे हैं।
- एक कोच की लागत करीब 4 करोड़ बताई जा रही है। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को 2015 में शुरू किया था।
- आईआरसीटीसी चेयरमैन एके मनोचा ने कहा, ''इस प्रोजेक्ट का मकसद टूरिज्म को प्रमोट करना है। इससे घरेलू और विदेशी टूरिस्ट आकर्षित होंगे।''
- ''इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC), रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) और इंटिगरल कोच फैक्टरी ने मिलकर इन्हें डिजाइन किया है।''
- ''कांच की छत वाली ट्रेन स्विट्जरलैंड जैसे कुछ देशों में चलती हैं। उम्मीद है कि इससे भारत में भी रेल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।’'
कहां और कब चलेंगे?
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उम्मीद है कि ग्लास रूफ वाला पहला कोच इसी महीने (अक्टूबर में) पटरी पर दौड़ेगा। बाकी दो कोच दिसंबर से चलेंगे।
- एक कोच कश्मीर घाटी से गुजरने वाली किसी रेगुलर ट्रेन में लगाया जाएगा। बाकी दाे कोच विशाखापट्टनम के पास अराकू घाटी से गुजरने वाली ट्रेनों में लगाए जाएंगे।
- हालांकि, एरियल व्यू की फैसिलिटी वाली पूरी स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला बाद में लिया जाएगा।
क्या है फैसिलिटी
- अल्ट्रा लग्जरी कोचों में 360 डिग्री पर घूमने वाली चेयर लगाई गई हैं, ताकि पैसेंजर्स को एरियल व्यू का लुत्फ मिल सके।
- टूरिस्टों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए मॉडर्न इनफोटेनमेंट सिस्टम भी लगाया गया है।
- इसके अलावा कोच में पैर को फैलाने के लिए भी पर्याप्त जगह होगी और सफर आरामदायक रहेगा।
चेन्नई में बन रहे हैं कोच
- ये भारत में अपनी तरह के पहले कोच हैं। जो चेन्नई की इंटीगरल कोच फैक्ट्री (ICF) में बनाए जा रहे हैं।
- एक कोच की लागत करीब 4 करोड़ बताई जा रही है। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को 2015 में शुरू किया था।

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