सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को एक बार फिर से जेल भेजे जाने के विरोध का सिलसिला सीवान में शुरू है। शहाबुद्दीन के समर्थकों ने मोहिउद्दिनपुर गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से मुहर्रम को अखाड़ा नहीं उठाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान लोगों ने कहा कि अल्पसंख्यक वर्तमान सरकार में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत किया था रद्द...
तेजाब कांड के गवाह की हत्या मामले में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन जेल से बाहर निकले थे। जमानत के खिलाफ बिहार सरकार और चंदाबाबू ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका रद्द करने के लिए अपील की थी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द कर दिया था।
तेजाब डालकर की थी हत्या
16 अगस्त 2004 को सीवान के व्यवसायी चंदा बाबू के दो बेटे सतीश राज और गिरीश राज का अपहरण कर लिया गया था। तेजाब से नहलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसका आरोपी शहाबुद्दीन को बनाया गया था। मृतक के तीसरे भाई राजीव रौशन ने कोर्ट में गवाही दी थी। 11 दिसंबर को सीवान कोर्ट ने तेजाब कांड में शहाबुद्दीन को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। 16 जून 2014 को सीवान के डीएवी कॉलेज मोड़ पर तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रौशन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
तेजाब कांड के गवाह की हत्या मामले में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शहाबुद्दीन जेल से बाहर निकले थे। जमानत के खिलाफ बिहार सरकार और चंदाबाबू ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका रद्द करने के लिए अपील की थी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द कर दिया था।
तेजाब डालकर की थी हत्या
16 अगस्त 2004 को सीवान के व्यवसायी चंदा बाबू के दो बेटे सतीश राज और गिरीश राज का अपहरण कर लिया गया था। तेजाब से नहलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इसका आरोपी शहाबुद्दीन को बनाया गया था। मृतक के तीसरे भाई राजीव रौशन ने कोर्ट में गवाही दी थी। 11 दिसंबर को सीवान कोर्ट ने तेजाब कांड में शहाबुद्दीन को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। 16 जून 2014 को सीवान के डीएवी कॉलेज मोड़ पर तेजाब कांड के एकमात्र चश्मदीद गवाह राजीव रौशन की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

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