Sunday, 9 October 2016

खाने की तीन टंकियों में मिलाया जहर, अब तक पुलिस नहीं कर पाई कोई खुलासा

शिमला/सोलन/सुबाथू.सुबाथूछावनी के समीपवर्ती क्षेत्रों में पानी में जहर पदार्थ मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार रात को ही जाडला गांव के रवींद्र शर्मा की घर के ऊपर लगी पानी की तीन टंकियों के अलावा पटवारखाने की टंकी में भी जहरीला पदार्थ मिला दिया। इससे क्षेत्र के लोगों में खौफ फैल गया है। अभी तक संबंधित विभाग ये बताने में असमर्थ है कि यह जहरीला पदार्थ कौन सा है और कितना विषैला है।
वीरवार को एसपी सोलन अंजुम आरा ने फिर मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
पानी के टैंकों में यह कथित जहर मिलाने के पीछे किन असामाजिक तत्वों का हाथ है, इस पर भी पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा है। इससे क्षेत्र के लोगों में भय बढ़ता जा रहा है।

सुबाथू आर्मी क्षेत्र होने के कारण ये बात और भी संवेदनशील है। हालांकि इतनी टंकियों में जहर मिलाने की बात सामने आई है, लेकिन अभी तक गनीमत यह है कि किसी ने यो पानी पिया नहीं है।
सुबाथू क्षेत्र में पानी की टंकियों में जहरीला पदार्थ मिलने से आसपास के लोगों में दहशत फैल रही है।

तीन दिन पहले सुबाथू के समीप कक्कड़हट्टी के सीनियर सेकंडरी और प्राथमिक स्कूल में लगी पानी की दो टंकियों के अलावा आईपीएच के तलौना गांव के 20 हजार लीटर के टैंक में जहरीली कीटनाशक दवा मिलाने का सिलसिला आरंभ हुआ था।
हालांकि तब भी पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया था, लेकिन उस घटना के दो दिन बाद ही यानी बुधवार को छपरौली के एक लाख लीटर क्षमता के भंडारण टैंक में जहरीला पदार्थ मिले होने की सूचना के बाद तो क्षेत्र में सनसनी ही फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही एएसपी सोलन मनमोहन सिंह, डीएसपी मुख्यालय विद्याचंद नेगी, डीएसपी परवाणू प्रमोद चौहान, धर्मपुर के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल ठाकुर तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मामले की पूरी जानकारी हासिल की।

मौके पर सुबह से मौजूद एसपी अंजुम आरा ने पुलिस की जमकर क्लास ली। फिलहाल अपने मिशन को गोपनीय रखते हुए उन्होंने केवल इतना कहा कि इस मामले का जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दहशत पैदा करने वाले कतई बख्शे नहीं जाएंगे।

पहले स्कूल में शरारत
तीनदिन पहले सूबाथू के साथ लगते कक्कड़हट्‌टी सीनियर सेकंडरी स्कूल के टैंक और वाटर स्टोरेज टैंक में जहरीला पदार्थ मिलाया गया था। इस पर पुिलस और आईपीएच ने पानी के सैंपल भरे थे। स्कूल में पानी की टंकियों की जांच में पाया गया था कि स्कूल में जो पानी की टंकियां हैं उन्हें सही ढंग से बंद नहीं किया है। गनीमत रही की बच्चों ने पानी को नहीं पिया।

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