शिक्षा मित्र में समायोजन की मांग को लेकर देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास कूच करते शिक्षा आचार्यों को पुलिस ने दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। इस दौरान पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को भी नहीं बख्शा।
लाठीचार्ज से 24 से अधिक शिक्षा आचार्य घायल हो गए, इसमें एक शिक्षा आचार्य का कान फट गया। आठ घायलों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 49 महिलाओं सहित 61 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शिक्षा आचार्य, अनुदेशक संगठन से जुड़े शिक्षा आचार्य शिक्षा मित्र में समायोजन की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। आंदोलन कर रहे शिक्षा आचार्यों को 26 सितंबर को पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास कूच करते हुए गिरफ्तार किया था। जिन्हें गिरफ्तारी के बाद सुद्धोवाला जेल ले जाया गया, लेकिन शिक्षा आचार्यों ने जेल में बेमियादी अनशन शुरू कर दिया था।
शिक्षा आचार्यों को शुक्रवार देर शाम छोड़ दिया गया। शुक्रवार जेल से छूटने के बाद शिक्षा आचार्यों ने शनिवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास कूच किया।
परेड ग्राउंड से सीएम आवास कूच कर रहे शिक्षा आचार्यों को पुलिस ने कनक चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन कुछ शिक्षा आचार्य बैरिकेडिंग तोड़कर परेड ग्राउंड से कनक हॉल के आगे से होते हुए सचिवालय की ओर जाने लगे। इस पर पुलिस ने धक्का मुक्की के बाद उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। कुछ शिक्षा आचार्यों के मुंह और कान पर चोटें आई हैं।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार लाठी के बल पर आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उनके साथ के कई शिक्षा आचार्य अब शिक्षा मित्र और सहायक अध्यापक बन चुके हैं। जबकि 910 शिक्षा आचार्यों को कैबिनेट के समायोजन के प्रस्ताव के बावजूद शिक्षा मित्र में समायोजन से वंचित कर दिया गया।
सीएम आवास कूच करने वालों में मोहम्मद शमशाद, रति राम, खेम सिंह, बीना देवी, दौलत सिंह, शाहिद, मंजू, मीरा, बीर सिंह, गजे सिंह, जावेद अली, फरजाना, रेखा शर्मा, लक्ष्मण सिंह, अब्बास अहमद, अमरीश राणा आदि शामिल रहे।
पुलिस लाठीचार्ज में मंजू देवी, नईस खान, कौशल्या, रेखा शर्मा, जकीया, रोबिन सिंह, गुलशाद, गौतम मंडल घायल हो गए। गौतम के कान में चोट आई है। घायलों ने बताया कि पुलिस ने कनक हॉल वाली गली में उन्हें घेरकर पीटा। मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान शिक्षा आचार्यों ने पुलिस से बचकर सीएम आवास पहुंचने का प्रयास किया। इस बीच उन्होंने भी पुलिस को खूब दौड़ाया।

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