नई दिल्ली। भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के उड़ी में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव का माहौल बना हुआ है। भारत सरकार ने पंजाब से सटी नियंत्रण रेखा के 10 किलोमीटर तक के गांवों को खाली करने का आदेश दिया है। नियंत्रण रेखा से सटे गांवों से पलायन भी शुरू हो चुका है लेकिन लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसका बीबीसी ने जायज़ा लिया।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार कई गांवों के किसानों में डर और अनिश्चितता के साथ गुस्सा भी है। लोगों में एक सवाल ये भी है कि उन्हें कितने दिनों तक ऐसे रहना पड़ेगा?
नियंत्रण रेखा से सटे कुछ गांव तो पूरी तरह खाली कर दिए हैं लेकिन कुछ लोग रात में घर छोड़ देते हैं और सुबह घर वापस लौट आते हैं।
सालविंदर सिंह भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के गिलपन गांव से हैं. वो बेहद ग़ुस्से में हैं। उन्होंने बीबीसी को बताया, "सरकार ने गांव खाली करने को तो बोल दिया है लेकिन हमारे लिए कोई इंतज़ाम नहीं किया है. हम अपने जानवर लेकर जाएं कहां."
उन्होंने आगे कहा, " हमने 1971 की जंग देखी है. पहले गांवों में आर्मी आती है गांव की घेरा बंदी होती है. यहां ऐसा कोई माहौल दिखाई नहीं दे रहा है . ये सभी लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं."

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