बाड़मेर. ।
बाड़मेर के निकटवर्ती गांव उण्डखा स्थित खेतसिंह की प्याऊ के पास एक ढाणी में दो दिन व दो रात एक संदिग्ध व्यक्ति ठहरा। उसका हुलिया हुबहू आनंदपाल जैसा होने की जानकारी मिली है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई कि वह आनंदपाल या कोई और था। संदिग्ध गुरुवार सुबह बाड़मेर रेलवे स्टेशन पहुंचा और लापता हो गया। पुलिस दिन भर उस शख्स की तलाश में जुटी रही, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह अहमदाबाद से आई निजी बस से जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर खेतसिंह की प्याऊ पर एक शख्स उतरा। लगभग 40-45 साल के अच्छी कद काठी व डील डौल वाला यह शख्स दोनों बाजुओं के नीचे बैसाखियां दबाए हुए था। उसके एक पांव पर बड़ा-सा गर्म पट्टा बंधा हुआ था और चेहरे पर हल्की-हल्की दाढ़ी थी। खेतसिंह की प्याऊ बस स्टेण्ड पर उसने नजदीकी ढाणी में रहने वाले 55 वर्षीय ग्रामीण को बताया कि उसका एक्सीडेण्ट हो गया है, वह मुसीबत में है, उसे पनाह की जरूरत है। ग्रामीण उसे अपनी ढाणी लेकर चला गया। मंगलवार से बुधवार रात तक यह शख्स उस व्यक्ति की ढाणी के पास बनी कोटड़ी में रुका। उसने अपने बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी, केवल यही बताया कि वह अच्छे परिवार से है लेकिन किसी वजह से मुसीबत में है।
आधी रात बाद किया कॉल
बताया जाता है कि बुधवार रात करीब दो बजे संदिग्ध शख्स ने सिमकार्ड मोबाइल फोन में डाला और किसी को कॉल किया। फिर सुबह उसने ढाणी मालिक से बाड़मेर रेलवे स्टेशन छुड़वाने को कहा। ढाणी मालिक व उसका भतीजा मोटरसाइकिल पर संदिग्ध शख्स के साथ बाड़मेर पहुंचे और उसे रेलवे स्टेशन छोड़ दिया। ढाणी मालिक ने संदिग्ध शख्स को पांच सौ रुपए दिए ताकि वह आगे का सफर कर सके। इस दरम्यान संदिग्ध व्यक्ति ने अपने कथित मोबाइल नम्बर ढाणी मालिक को दिए और कहा कि हालात सुधरने पर वह उनका यह एहसान चुकाएगा।
संभवत: कॉल हुआ ट्रेस
संदिग्ध शख्स ने बुधवार रात दो बजे जो कॉल किया था, वह संभवत: कहीं पर ट्रेस हुआ। जिसकी लोकेशन खेतसिंह की प्याऊ टॉवर आई। इस आधार पर सूचना पुलिस के पास पहुंची। गुरुवार सुबह पुलिस खेतसिंह की प्याऊ पहुंची और एक दुकानदार से संदिग्ध के हुलिए के आधार पर पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले ऐसा व्यक्ति निकट स्थित ढाणी गया था। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि संदिग्ध यहां से बाड़मेर के लिए निकल गया है।
रेलवे स्टेशन बना छावनी
संदिग्ध शख्स केे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिलते ही रेलवे स्टेशन पर पुलिस का भारी जमावड़ा हो गया। सदर थानाधिकारी, कोतवाल, ग्रामीण थानाधिकारी, महिला थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने रेलवे स्टेशन को खंगालना शुरू किया। यहां खड़ी सभी ट्रेनों के डिब्बों व शौचालयों की गहनता से छानबीन की गई। इस बीच एकबारगी पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला भी रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन संदिग्ध का कोई सुराग नहीं लगा।
चाचा-भतीजा से पूछताछ
संदिग्ध शख्स की तलाश में जुटी पुलिस ने उस चाचा-भतीजा को ढूंढ निकाला, जिन्होंने उसे प्रश्रय दिया। ये दोनों अम्बेडकर सर्किल पर पुलिस के हाथ लगे। पुलिस ने उन्हें साथ लेकर कई स्थानों पर रिहर्सल व तलाश की। संदिग्ध ने इन्हें जो मोबाइल नम्बर दिए थे, उस पर कई बार कॉल किए गए, लेकिन वह नम्बर अस्तित्व में ही नहीं पाए गए।
पुष्टि नहीं हो पाई है
संदिग्ध के बारे में सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश की गई, लेकिन सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई। पुलिस प्रयास कर रही है। -डॉ. गगनदीप सिंगला, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर
बाड़मेर के निकटवर्ती गांव उण्डखा स्थित खेतसिंह की प्याऊ के पास एक ढाणी में दो दिन व दो रात एक संदिग्ध व्यक्ति ठहरा। उसका हुलिया हुबहू आनंदपाल जैसा होने की जानकारी मिली है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई कि वह आनंदपाल या कोई और था। संदिग्ध गुरुवार सुबह बाड़मेर रेलवे स्टेशन पहुंचा और लापता हो गया। पुलिस दिन भर उस शख्स की तलाश में जुटी रही, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह अहमदाबाद से आई निजी बस से जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर खेतसिंह की प्याऊ पर एक शख्स उतरा। लगभग 40-45 साल के अच्छी कद काठी व डील डौल वाला यह शख्स दोनों बाजुओं के नीचे बैसाखियां दबाए हुए था। उसके एक पांव पर बड़ा-सा गर्म पट्टा बंधा हुआ था और चेहरे पर हल्की-हल्की दाढ़ी थी। खेतसिंह की प्याऊ बस स्टेण्ड पर उसने नजदीकी ढाणी में रहने वाले 55 वर्षीय ग्रामीण को बताया कि उसका एक्सीडेण्ट हो गया है, वह मुसीबत में है, उसे पनाह की जरूरत है। ग्रामीण उसे अपनी ढाणी लेकर चला गया। मंगलवार से बुधवार रात तक यह शख्स उस व्यक्ति की ढाणी के पास बनी कोटड़ी में रुका। उसने अपने बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी, केवल यही बताया कि वह अच्छे परिवार से है लेकिन किसी वजह से मुसीबत में है।
आधी रात बाद किया कॉल
बताया जाता है कि बुधवार रात करीब दो बजे संदिग्ध शख्स ने सिमकार्ड मोबाइल फोन में डाला और किसी को कॉल किया। फिर सुबह उसने ढाणी मालिक से बाड़मेर रेलवे स्टेशन छुड़वाने को कहा। ढाणी मालिक व उसका भतीजा मोटरसाइकिल पर संदिग्ध शख्स के साथ बाड़मेर पहुंचे और उसे रेलवे स्टेशन छोड़ दिया। ढाणी मालिक ने संदिग्ध शख्स को पांच सौ रुपए दिए ताकि वह आगे का सफर कर सके। इस दरम्यान संदिग्ध व्यक्ति ने अपने कथित मोबाइल नम्बर ढाणी मालिक को दिए और कहा कि हालात सुधरने पर वह उनका यह एहसान चुकाएगा।
संभवत: कॉल हुआ ट्रेस
संदिग्ध शख्स ने बुधवार रात दो बजे जो कॉल किया था, वह संभवत: कहीं पर ट्रेस हुआ। जिसकी लोकेशन खेतसिंह की प्याऊ टॉवर आई। इस आधार पर सूचना पुलिस के पास पहुंची। गुरुवार सुबह पुलिस खेतसिंह की प्याऊ पहुंची और एक दुकानदार से संदिग्ध के हुलिए के आधार पर पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले ऐसा व्यक्ति निकट स्थित ढाणी गया था। पुलिस वहां पहुंची तो पता चला कि संदिग्ध यहां से बाड़मेर के लिए निकल गया है।
रेलवे स्टेशन बना छावनी
संदिग्ध शख्स केे स्टेशन पहुंचने की सूचना मिलते ही रेलवे स्टेशन पर पुलिस का भारी जमावड़ा हो गया। सदर थानाधिकारी, कोतवाल, ग्रामीण थानाधिकारी, महिला थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने रेलवे स्टेशन को खंगालना शुरू किया। यहां खड़ी सभी ट्रेनों के डिब्बों व शौचालयों की गहनता से छानबीन की गई। इस बीच एकबारगी पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला भी रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन संदिग्ध का कोई सुराग नहीं लगा।
चाचा-भतीजा से पूछताछ
संदिग्ध शख्स की तलाश में जुटी पुलिस ने उस चाचा-भतीजा को ढूंढ निकाला, जिन्होंने उसे प्रश्रय दिया। ये दोनों अम्बेडकर सर्किल पर पुलिस के हाथ लगे। पुलिस ने उन्हें साथ लेकर कई स्थानों पर रिहर्सल व तलाश की। संदिग्ध ने इन्हें जो मोबाइल नम्बर दिए थे, उस पर कई बार कॉल किए गए, लेकिन वह नम्बर अस्तित्व में ही नहीं पाए गए।
पुष्टि नहीं हो पाई है
संदिग्ध के बारे में सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश की गई, लेकिन सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई। पुलिस प्रयास कर रही है। -डॉ. गगनदीप सिंगला, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर

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