Sunday, 2 October 2016

युद्ध हुआ तो सेना की करेंगे मदद

नई दिल्ली: भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पंजाब में भारत-पाक सीमा पर पैदा हुए तनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने सीमा के 10 कि.मी क्षेत्र को खाली करवाने के निर्देश दिए थे, परंतु कई सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग वापस लौटने शुरू हो गए हैं। ये लोग अपने घरों में पशुओं की संभाल तथा खेतों में फसल की देखरेख के लिए वापस लौटे हैं।
इन लोगों का कहना था कि स्थिति अभी इतनी गंभीर नहीं है कि वे अपने घरों को वापस लौट न सकें। पंजाब में 6 सीमावर्ती जिलों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था। वापस लौटे लोगों ने कहा कि अगर भारत-पाक में युद्ध होता है तो वे सेना को अपनी ओर से हर संभव सहयोग देंगे।


फाजिल्का के निकट स्थित गांव मोजम के निवासी राम सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी करने के बावजूद वे शुक्रवार शाम को अपने घर वापस आए ताकि खेतों में खड़ी धान की फसल की देखभाल कर सकें।

उन्होंने कहा कि हम कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अपने घरों से चले गए थे तथा हमें आशंका थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ सकता है परंतु बाद में मैंने अनुभव किया कि खेतों में अपनी फसलों व पशुओं को बचाना भी जरूरी है, क्योंकि परिवार का जीवन फसलों पर निर्भर है। अगले 6 महीनों का परिवार का गुजारा करने के लिए फसल की संभाल जरूरी है। अब तो फसल की कटाई होने वाली है।
इसी तरह महात्म नगर गांव के वासी काला राम ने कहा कि फसल की कटाई अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी, इसलिए उन्होंने गांव में ही रहने में बेहतरी समझी। हमारा मनोबल ऊंचा है तथा हम उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों के मध्य जंग न हो।

उन्होंने कहा कि अगर जंग हुई तो सशस्त्र सेनाओं की मदद करेंगे, जो हमारी फसलों की देखभाल भी करती हैं। फिरोजपुर के गांव घटी राजोके के रहने वाले रंजीत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने उन्हें वीरवार शाम 5 बजे तक गांव खाली करने के
लिए कहा था।

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