बीजिंग.मसूद अजहर पर बैन की मांग पर यूएन में दूसरी बार तकनीकी रोड़ा लगाने के बाद चीन ने अब अपने फैसले का बचाव किया है। चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा है- '1267 कमेटी में भारत के एप्लिकेशन पर अलग-अलग राय थी और बीजिंग के नए कदम से संबंधित पक्षों को इस मुद्दे पर सोचने का ज्यादा समय मिल गया है।' बता दें कि भारत ने अजहर पर बैन लगाने के लिए यूएन में एप्लिकेशन दे रखी है। कुछ दिनों पहले यह खबर आई थी कि चीन ने अपनी तकनीकी रोक की मियाद 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दी है। चीन ने और क्या दिए तर्क...
- चीन के इस कदम को भारत ने खतरनाक बताया था, जिस पर चीन ने अब सफाई पेश की है।
- भारत के सख्त एतराज पर पीटीआई ने चीन से प्रतिक्रिया मांगी थी। इस पर चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की ओर से न्यूज एजेंसी को लिखित में जवाब दिया गया है।
- चीन ने दावा किया है- 'भारत की तरफ से मार्च में दी गई एप्लिकेश पर अब भी अलग-अलग विचार हैं।'
- ' दोबारा तकनीकी रोक से कमेटी को इस मसले पर विचार करने और संबंधित पक्षों से बात करने के लिए और वक्त मिल गया है।'
- चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा है- 'चीन सभी तरह के आतंकवाद से मुकाबले का समर्थन करता है।'
- 'आतंकवाद के खिलाफ हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के पक्ष में हैं और इस बारे में यूएन से मददगार रवैये की अपेक्षा रखते हैं।'
- 'अजहर के मसले पर सबूतों के आधार पर और बिना किसी का पक्ष लिए फैसला होना चाहिए।'
- हालांकि चीन ने अपने जवाब में उन देशों का जिक्र नहीं किया है जिनके अजहर के मुद्दे पर भारत से अलग विचार हैं।
अब आगे क्या होगा?
- चीन के दोबारा वीटो करने के बाद यूएन की तरफ से अब यह मसला भारत और पाकिस्तान को आगे विचार के लिए भेजा गया है।
- 15-16 अक्टूबर को गोवा में BRICS समिट है। इस दौरान भी नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
- चीन 15 मेंबर्स वाली यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का अकेला मेंबर है जिसने भारत की मांग पर अड़ंगा लगा रखा है। 14 मेंबर भारत के सपोर्ट में हैं।
- बता दें कि इस साल मार्च में चीन ने इस मामले में अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए पहली बार भारत की कोशिशों में अड़ंगा लगाया था।
कौन है मसूद अजहर?
- जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है मसूद अजहर। जैश पाकिस्तान सपोर्टेड आतंकी संगठन है।
- अजहर इस साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी है।
- चीन ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है।
- भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर पाक पर आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है।
भारत ने क्यों दिया है एप्लिकेशन?
- अगर चीन ने इस बार भी वीटो नहीं किया होता तो मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने वाला रेजोल्यू्शन आटोमैटिकली पास हो गया होता।
- बता दें कि यूएन की 1267 कमेटी की लिस्ट में अजहर का नाम शामिल हो जाने से उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी।
क्या है 1267 कमेटी?
- आतंकवादियों और आतंकी संगठनों पर बैन लगाने का फैसला 1267 कमेटी ही करती है।
- अक्टूबर 1999 में यूएन सिक्युरिटी काउंसिल ने 1267 रेजोल्यू्शन पास किया था।
- इसी के तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकी घोषित करने के बाद उस पर और उसके संगठन अल कायदा पर बैन लगाया गया था।
- चीन के इस कदम को भारत ने खतरनाक बताया था, जिस पर चीन ने अब सफाई पेश की है।
- भारत के सख्त एतराज पर पीटीआई ने चीन से प्रतिक्रिया मांगी थी। इस पर चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की ओर से न्यूज एजेंसी को लिखित में जवाब दिया गया है।
- चीन ने दावा किया है- 'भारत की तरफ से मार्च में दी गई एप्लिकेश पर अब भी अलग-अलग विचार हैं।'
- ' दोबारा तकनीकी रोक से कमेटी को इस मसले पर विचार करने और संबंधित पक्षों से बात करने के लिए और वक्त मिल गया है।'
- चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा है- 'चीन सभी तरह के आतंकवाद से मुकाबले का समर्थन करता है।'
- 'आतंकवाद के खिलाफ हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के पक्ष में हैं और इस बारे में यूएन से मददगार रवैये की अपेक्षा रखते हैं।'
- 'अजहर के मसले पर सबूतों के आधार पर और बिना किसी का पक्ष लिए फैसला होना चाहिए।'
- हालांकि चीन ने अपने जवाब में उन देशों का जिक्र नहीं किया है जिनके अजहर के मुद्दे पर भारत से अलग विचार हैं।
अब आगे क्या होगा?
- चीन के दोबारा वीटो करने के बाद यूएन की तरफ से अब यह मसला भारत और पाकिस्तान को आगे विचार के लिए भेजा गया है।
- 15-16 अक्टूबर को गोवा में BRICS समिट है। इस दौरान भी नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
- चीन 15 मेंबर्स वाली यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का अकेला मेंबर है जिसने भारत की मांग पर अड़ंगा लगा रखा है। 14 मेंबर भारत के सपोर्ट में हैं।
- बता दें कि इस साल मार्च में चीन ने इस मामले में अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए पहली बार भारत की कोशिशों में अड़ंगा लगाया था।
कौन है मसूद अजहर?
- जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है मसूद अजहर। जैश पाकिस्तान सपोर्टेड आतंकी संगठन है।
- अजहर इस साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी है।
- चीन ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है।
- भारत, अमेरिका और अन्य देशों के साथ मिलकर पाक पर आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है।
भारत ने क्यों दिया है एप्लिकेशन?
- अगर चीन ने इस बार भी वीटो नहीं किया होता तो मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने वाला रेजोल्यू्शन आटोमैटिकली पास हो गया होता।
- बता दें कि यूएन की 1267 कमेटी की लिस्ट में अजहर का नाम शामिल हो जाने से उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी।
क्या है 1267 कमेटी?
- आतंकवादियों और आतंकी संगठनों पर बैन लगाने का फैसला 1267 कमेटी ही करती है।
- अक्टूबर 1999 में यूएन सिक्युरिटी काउंसिल ने 1267 रेजोल्यू्शन पास किया था।
- इसी के तहत ओसामा बिन लादेन को आतंकी घोषित करने के बाद उस पर और उसके संगठन अल कायदा पर बैन लगाया गया था।

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