क्वेटा. बलूचिस्तान के लोगों ने पाकिस्तान के क्वेटा के पास प्रदर्शन किया। ये लोग चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान से आजादी के नारे लगाए और चीन की दखलन्दाजी का विरोध किया। इससे पहले भी बलूच लोगों ने पाकिस्तान में नवाज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बता दें कि नरेंद्र मोदी ने इंडिपेंडेंस डे पर पहली बार लाल किले से बलूचिस्तान का जिक्र किया था। तब से बलूच नेताओं ने दुनियाभर में प्रोटेस्ट कर चुके हैं।
- लोगों ने क्वेटा के पास सड़क किनारे खड़े होकर पाक-चीन विरोधी नारे लगाए।
- ये लोग बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे थे। लोगों ने नवाज शरीफ पुतले और पोस्टर जलाए।
बलूचों का लगातार हो रहा प्रदर्शन
- बलूच नेता दुनियाभर लंदन, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, जर्मनी, न्यूयॉर्क में प्रदर्शन कर आजादी की मांग उठा चुके हैं।
- बलूच नेता ब्राहमदाग बुगती ने कहा था कि बलूचिस्तान में पाक ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन की सुनामी बरपा रहा है। हम पीएम मोदी के बलूचिस्तान के जिक्र का स्वागत करते हैं।
- बलूचिस्तान की एक अन्य एक्टिविस्ट नायला कादरी ने बोली थीं कि पाक, बलूचिस्तान में केमिकल वेपन्स का इस्तेमाल कर रहा है। बच्चों और लोगों को अगवा कर लिया जाता है और किसी को कुछ पता नहीं होता।
- एक अन्य नेता करीमा बलोच ने कहा था, 'मोदीजी, आपको बलूचिस्तान की महिलाएं अपना भाई मानती हैं। हम अपनी लड़ाई खुदि लड़ेंगे, बस आप हमारी आवाज बन जाएं।'
पीओके में भी पाक के खिलाफ खड़े हुए लोग
- 6 अक्टूबर को पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी कैम्पों के खिलाफ यहां के लोग खुलकर सामने आ गए। यहां करीब 7 जगह प्रदर्शन हुए।
- मुजफ्फराबाद, चिनारी, मीरपुर, दायमर, गिलगित, नीलम और कोटली में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों से जिंदगी जहन्नुम बन गई है।
- कोटली के रहने वाले एक शख्स ने कहा- "आतंकवाद को खत्म करने की जरूरत है। आतंकवादियों को पनाह देकर मसले को हल नहीं किया जा सकता।"
- मुजफ्फराबाद के रहने वाले एक लोकल लीडर का कहना है- "बैन संगठनों और आतंकी कैम्पों को यहां राशन दिया जाता है। हम इसकी निंदा करते हैं।"
- गिलगित के एक शख्स ने कहा कि यदि एडमिनिस्ट्रेशन ने दायमर, गिलगित, बासीन और दूसरी जगहों से तालिबान के आतंकी कैम्पों का खात्मा नहीं किया, तो हम एक्शन लेंगे।
मोदी ने कहा था- बलूचिस्तान और पीओके के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया
- मोदी ने लाल किले से दी स्पीच में कहा था, ''पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगित, पाक के कब्जे वाले हिस्से के लोगों ने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मेरा आभार व्यक्त किया है। मेरे प्रति सद्भावना जताई है।''
- ''दूर-दूर बैठे लोग हैं। जिस धरती को मैंने देखा नहीं, जहां के लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई, वे प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो ये मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है। मैं गिलगित, बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।''
- लोगों ने क्वेटा के पास सड़क किनारे खड़े होकर पाक-चीन विरोधी नारे लगाए।
- ये लोग बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे थे। लोगों ने नवाज शरीफ पुतले और पोस्टर जलाए।
बलूचों का लगातार हो रहा प्रदर्शन
- बलूच नेता दुनियाभर लंदन, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, जर्मनी, न्यूयॉर्क में प्रदर्शन कर आजादी की मांग उठा चुके हैं।
- बलूच नेता ब्राहमदाग बुगती ने कहा था कि बलूचिस्तान में पाक ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन की सुनामी बरपा रहा है। हम पीएम मोदी के बलूचिस्तान के जिक्र का स्वागत करते हैं।
- बलूचिस्तान की एक अन्य एक्टिविस्ट नायला कादरी ने बोली थीं कि पाक, बलूचिस्तान में केमिकल वेपन्स का इस्तेमाल कर रहा है। बच्चों और लोगों को अगवा कर लिया जाता है और किसी को कुछ पता नहीं होता।
- एक अन्य नेता करीमा बलोच ने कहा था, 'मोदीजी, आपको बलूचिस्तान की महिलाएं अपना भाई मानती हैं। हम अपनी लड़ाई खुदि लड़ेंगे, बस आप हमारी आवाज बन जाएं।'
पीओके में भी पाक के खिलाफ खड़े हुए लोग
- 6 अक्टूबर को पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी कैम्पों के खिलाफ यहां के लोग खुलकर सामने आ गए। यहां करीब 7 जगह प्रदर्शन हुए।
- मुजफ्फराबाद, चिनारी, मीरपुर, दायमर, गिलगित, नीलम और कोटली में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों से जिंदगी जहन्नुम बन गई है।
- कोटली के रहने वाले एक शख्स ने कहा- "आतंकवाद को खत्म करने की जरूरत है। आतंकवादियों को पनाह देकर मसले को हल नहीं किया जा सकता।"
- मुजफ्फराबाद के रहने वाले एक लोकल लीडर का कहना है- "बैन संगठनों और आतंकी कैम्पों को यहां राशन दिया जाता है। हम इसकी निंदा करते हैं।"
- गिलगित के एक शख्स ने कहा कि यदि एडमिनिस्ट्रेशन ने दायमर, गिलगित, बासीन और दूसरी जगहों से तालिबान के आतंकी कैम्पों का खात्मा नहीं किया, तो हम एक्शन लेंगे।
मोदी ने कहा था- बलूचिस्तान और पीओके के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया
- मोदी ने लाल किले से दी स्पीच में कहा था, ''पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान, गिलगित, पाक के कब्जे वाले हिस्से के लोगों ने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है। मेरा आभार व्यक्त किया है। मेरे प्रति सद्भावना जताई है।''
- ''दूर-दूर बैठे लोग हैं। जिस धरती को मैंने देखा नहीं, जहां के लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई, वे प्रधानमंत्री का आदर करते हैं तो ये मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का सम्मान है। मैं गिलगित, बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।''

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