Tuesday, 4 October 2016

पीएम मोदी ने रातों रात इन्हें अमेरिका से बुलाया, जानिए कौन हैं ये मोहतरमा…

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने एक महिला अधिकारी को रातों-रात इंडिया बुला लिया। वो अमेरिका में तैनात थीं। जब करुणा 14 साल की थीं, तब उन्हें कार्डियक अटैक हुआ था। क्लिनिकली उन्हें मृत मान लिया गया था, लेकिन वे फिर जी उठीं। इसके बाद पढ़ाई पूरी कर वे एनआईआईटी में बतौर फैकल्टी पढ़ाने लगीं, साथ ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम भी करने लगीं। इनकी 1991 में गोपालकृष्ण से शादी हो गई।




जानिए क्यों करुणा को बुलाया था अमेरिका से इंडिया

दरअसल, करुणा की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि वे देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना की प्रमुख सलाहकार हैं। खुद पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन्हें भारत आकर इस कार्य के लिए इनवाइट किया। करुणा की तमाम उपलब्धियों के पीछे उनका कड़ा संघर्ष है। बता दें कि शादी के एक साल बाद उन्होंने बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम विक्रम है। विक्रम के दो साल का होते ही करुणा समझ गई थी कि उनके बेटे के साथ कुछ समस्या है। जब पता चला कि बेटे को ऑटिज्म की तकलीफ है तो करुणा का पूरा जीवन ही बदल गया।


गोपाल और करुणा अच्छे परिवारों से हैं।- उन्होंने कुछ समय काम बंद कर दिया। लेकिन काम तो करना था, तो रात में जब बेटा सो जाता, तब काम करती। तब एक करीबी से पता चला कि इस तरह के बच्चे बहुत अच्छे आर्टिस्ट होते हैं।- तब विक्रम की रुचि जानकर उसे पेंटिंग की ओर आगे बढ़ाया, आज विक्रम बहुत अच्छा पेंटर है।

कई देशों में बना चुकी हैं स्मार्ट सिटी का डिजाइन

जहां तक बात इनकी है तो उन्होंने घर से ही काम शुरू किया। 1990 के दशक में उनके साथ वर्चुअल टीम थी। यहीं से करुणा के जीवन में बदलाव आया। वे एडवाइजर के रूप में काम करने लगीं। चूंकि अमेरिका से फैलोशिप ली थी, तो उन्हें अमेरिका, सिंगापुर और वियतनाम आदि देशों से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट डिजाइन के प्रस्ताव आए और वे काम करने लगीं। अपने इस काम की वजह से वे वेंकैया नायडू के कॉन्टैक्ट में आईं और विदेशों का काम देखकर देश में स्मार्ट सिटी के लिए काम करने का प्रस्ताव मिला। उन्होंने ही देश का स्मार्ट सिटी मिशन डिजाइन किया है। प्रधानमंत्री ने करुणा गोपाल को इस मिशन लॉन्च पर आमंत्रित किया था। वे मसूरी में आईएएस अकादमी में भी पढ़ाती हैं।

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