Tuesday, 18 October 2016

ट्रिपल तलाक पर बोले नीतीश, केंद्र मुसलमानों पर छोड़ दे यह मामला

नालंदा नीतीश कुमार ने सोमवार को सर्जिकल स्ट्राइक, समान आचार संहिता, किसानों की दयनीय स्थिति, बेरोजगारी, जीएम सीड, लव जिहाद, तीन तलाक और घर वापसी जैसे मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर हम केंद्र सरकार के साथ हैं, लेकिन इसे अंदरूनी राजनीति का विषय बनाने का पुरजोर विरोध करेंगे।



नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं हैं, वह देश के प्रधानमंत्री भी हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि हम वैकल्पिक विचार के आधार पर भाजपा के खिलाफ विकल्प तैयार करेंगे, और उसकी नीतियों का मुकाबला करेंगे।

जदयू की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन आयोजित खुला अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी देश में झगड़ा लगाया जा रहा है। यूनिफार्म सिविल कोड और तीन तलाक पर बहस कर रहे हैं। हमने तो 1996 में ही साफ कर दिया था कि हम समान आचार संहिता जबर्दस्ती थोपने का विरोध करेंगे। तीन तलाक की बात इस्लाम धर्म मानने वालों पर छोड़ दीजिए। आप कौन होते हैं उनके लिए निर्णय लेने वाले?



कहा कि अभी दलितों का क्या हाल बना रखा है? भूल गए कि डा. अंबेडकर को क्यों बौद्ध धर्म अपनाना पड़ा था। लोगों का मन कितना प्रदूषित कर दिया गया है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।



हम सबने मिलकर मुलायम सिंह यादव को अपना नेता माना था। लेकिन वह पीछे हट गए। बिहार के अभिशाप के कारण ही अभी उनके घर में झगड़ा लगा है। मैं तो अखिलेश यादव से कहूंगा कि उत्तर प्रदेश में शराबबंदी लागू कर दें, फिर उन्हें किसी के साथ की जरूरत नहीं होगी।



शराबबंदी लागू करें अखिलेश, हम यूपी में आपका देंगे साथ

कहा कि अगर अखिलेश यह हिम्मत करें तो हम उत्तर प्रदेश चुनाव में उनका साथ देंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि बिहार में शराबबंदी लागू है, और लागू रहेगी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी को उन्होंने आश्वस्त किया कि झारखंड सरकार की नाकामियों के खिलाफ उनके द्वारा चलाए जा रहे अभियान में वह उनका साथ देंगे।

देश का पीएम कैसा हो, नीतीश जैसा हो

बैठक में कई वक्ताओं द्वारा बिहार के बाहर समय दिए जाने के लिए किए गए आग्रह को स्वीकार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं। जिस राज्य में उनकी जरूरत महसूस होगी, वह वहां जाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की ओर से बार-बार यह नारा बुलंद हुआ-'देश का प्रधानमंत्री कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो।

पाकिस्तान को लव लेटर लिखने की जरूरत नहीं

करीब डेढ़ घंटे के अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करूंगा कि पाकिस्तान को 'लव लेटर मत लिखिए, उसे उसी की भाषा में जवाब दीजिए। आतंकवाद से लड़ाई राष्ट्रीय मुद्दा है। यह अंदरूनी राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए। कोई पार्टी अगर होर्डिंग लगाकर सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय लेने का प्रयास करे, तो उसे रोकिए।

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