Thursday, 13 October 2016

JNU : यूनीवर्सिटी ने दिए आदेश, मोदी के चेहरे वाला रावण जलाए जाने के मामले की होगी जांच



नई दिल्ली. दशहरे के दिन जेएनयू में जलाए गए पीएम,अमित शाह और रामदेव के पुतले जलाने के मामले के जांच के आदेश यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने दे दिए हैं। मंगलवार रात को जिन पुतलों को जलाया गया उनमें से एक पर जेएनयू के वाइस चांसलर जगदेश कुमार की तस्वीर भी लगाई गई थी। रावण के मुख्य सिर पर लगाया गया नरेंद्र मोदी का फोटो...


-दशहरे पर जेएनयू कैंपस में जो रावण जलाया गया, उसके मुख्य सिर की जगह नरेंद्र मोदी का फोटो लगाया गया। रावण के 10 सिर माने जाते हैं।
-यहां बाकी नौ सिरों की जगह अमित शाह, नाथूराम गोडसे, रामदेव, महंत आदित्यनाथ, आसाराम और साध्वी प्राची आदि के चेहरे लगाए गए थे।
-स्‍टूडेंट्स ने कार्ड पर स्‍लोगन लिखे- ”बुराई पर सत्‍य की जीत होकर रहेगी।” इस दौरान मोदी और बाकी चेहरों के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
मुस्लिम स्टूडेंट्स को निशाना बनाने का आरोप
- पीएम और बाकी नेताओं का पुतला मंगलवार रात को जेएनयू कैंपस में सरस्‍वती ढाबा के पास जलाया गया।
- जेएनयू में NSUI के प्रेसिडेंट कैंडिडेट रह चुके सनी धीमान ने कहा, ''हमने जुमलों, झूठ और फरेब के रावण का पुतला फूंका है। हम बीजेपी की तरह नहीं जो मनमोहन सिंह को गालियां देते थे, पीएम पद का सम्मान करते हैं इसलिए उन्हें मोदीजी बुलाते हैं।''
- ''लेकिन मोदी लगातार झूठ बोल रहे हैं। कहते हैं कि दलितों को मत मारो, मुझे मारो। क्या देश में कानून का राज नहीं है?''
- धीमान ने कहा, '‘वीसी के जरिए जेएनयू में मुस्लिम स्टूडेंट्स को निशाना बनाया जा रहा है। हमने विरोध के लिए विजयादशमी का दिन चुना, क्योंकि इसी दिन बाबा साहब अंबेडकर ने नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाया था।''
- एनसयूआई के मेंबर मसूद ने कहा, ”हां, हमने ऐसा किया, ये मोदी सरकार से हमारा असंतोष दिखाता है। हमारी मांग है कि सरकार से बुराई को बाहर किया जाए और एक ऐसा सिस्‍टम लाया जाए जो प्रो-स्‍टूडेंट और प्रो-पीपल हो।”
ABVPने किया विरोध, SFIने सपोर्ट
- बीजेपी की स्टूडेंट विंग के मेंबर सौरभ शर्मा ने कहा, ''एनएययूआई ओछी हरकतों पर उतर आई है। वो बजूद बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें 1984 दंगों के आरोपियों का पुतला फूंकना चाहिए था।''
- एसएफआई के प्रेसिडेंट वलीउल्ला खां कादरी ने कहा, ''हम पुतला फूंकने का सपोर्ट करते हैं। लोकतंत्र में सबको विरोध दर्ज कराने हक है। पीएम वादों को पूरा नहीं कर पाए। लोग उनसे नाराज हैं।''
इस साल विवादों में रहा है जेएनयू?
- फरवरी में जेएनयू के लेफ्ट स्टूडेंट्स के ग्रुप्स ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था।
- इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था। इस दौरान कुछ लोगों ने देश विरोधी नारेबाजी की। लेफ्ट-एबीवीपी स्टूडेंट्स के बीच झड़प हुई।
- नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था। अफजल की का भी यहां विरोध हुआ था।
- जेएनयू स्टूडेंट लीडर कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्वान समेत कुछ लोगों को देशद्रोह के आरोप में अरेस्ट किया गया था। बाद में इन्हें कुछ शर्तों के साथ बेल मिल गई थी।

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